Hi friends I am welcome back Rajkumar Prajapati Nice to might you Good morning Good afternoon Good evening......
तीनों अभिवादन एक साथ इसलिए क्योंकि जब भी आप हमारे इस ब्लॉग को पढ़ रहे हैं उसके समय के अनुसार आपको हमारी तरफ से अभिवादन है ।
नमस्कार दोस्तों आप लोगों का प्रेम और स्नेह पाकर मैं बहुत ही खुश हूं दोस्तों आज मैं आप लोगों को अपने गोल विजन और ड्रीम के बारे में बताऊंगा।
बहुत से लोग मुझसे पूछा करते हैं कि राजकुमार जी आप अपने जीवन में क्या करना चाहते हैं कौन सा मुकाम हासिल करना चाहते हैं आपके जीवन का प्रमुख लक्ष्य क्या है।
तो मैं शांत जाया करता है या फिर बाद में बताऊंगा कह के टाल देता हूं या फिर इसका जवाब वक्त देगा कह कर भी सामने वाले को कन्वेंश कर लेता है मेरे पास इन सारे सवालों का जवाब था लेकिन इस प्रश्न के जवाब से मुझे डर लगता है डर इस बात का नहीं था कि लोग हंसे हम पर हसेन्गे हमारे लक्ष्य पर रुकेंगे हमें तेरे से ना हो पाएगा कहेंगे की अपनी औकात देखी है ।
बल्कि डर तो इस बात का था कि एक बार लोगों के मध्य मे अपनी अहमियत जमानी चाही लोगों से अपने लक्ष्य के बारे मेंअपनी सोच के बारे मे बताया यह सोच कर कि वह मेरा साथ देगा लेकिन क्या पता था कि उन्हीं में से एक मेरे इस खूबसूरती को छीन लेगा जिसकी मैं हमेशा सवारी करता था।
अनभिज्ञ था इस बात से कि जिसे मैने अपने बारे में सब कुछ बताया वहीं मुझे धक्का देने के काबिलियत रखता है उन पर मुझे क्रोध आया जिनसे हमें इसकी उम्मीद ना थी दिल के एक कोने से आवाज आई कि नहीं अब बहुत हुआ उसे सबक सिखाना पड़ेगा अपने परिवार और मित्र के दम पर जिन्होंने हमारी एक असफलता से मुझे छोड़ दिया इतना ही नहीं जो पहचान काबिलियत मेरे माता पिता व गुरु बुजुर्ग के संस्कार से प्रतिष्ठा मिली थी सब कुछ छीन लिया था उनसे मैं मदद मांगी मुझे तुतकार दिया यह कह कर कि तू मेरे से मदद लेने काबिल नहीं है।
बहुत दुख हुआ यह सुनकर किंतु अगले ही क्षण में अत्यंत ही अचंभित हुआ इस बात से नहीं कि मैं असफल हुआ अपने जीवन के खेल में उस खेल में जिसे मैने बनाया था जिस के सारे नियम कानून मैने खुद अपने ही हाथो बनाया था उसी मे ही हार गया
बल्कि आश्चर्य में मै इस बात से था कि जो कुछ मैंने खोया जिस प्रकार से अपने ही खेल में मैं हार गया था ठीक उसी प्रकार वह भी अपने ही बनाए खेल में खुद भी हार गया था जिस प्रकार मेरे पारिवारिक संबंधों ने मुझ पर विश्वास करना छोड़ दिया ठीक उसी प्रकार उसके भी पारिवारिक संबंध भी भरोसे करना छोड दिये थे इतना ही नहीं जितनी समस्याएं मेरे पास थी उससे कई गुना ज्यादा उस शख्स के पास थी वह एक ऐसे खेल में हारा था जिस का सृजन वह खुद करता था। उस समय मैं बिल्कुल ही मूक था और शक में था कि कहीं इसमें भी तो इसकी कोई चाल नहीं
लेकिन समय के साथ सच्चाई भी बाहर आती है और सच ये था की जो मेरे साथ हुआ उसका जिम्मेदार मै खुद हू किसी ने सच ही कहा है की शक तो दुनिया करती है जनाब दुनिया से अलग करने की चाहत है तो दुनिया की तरह शक करना भी छोड़ना होगा। मैने तो छोड दिया । उसे एक मित्र माना और उन सारे सपनो को फिर से उसी हृदय मे पाला जिसमे आप सभी का प्रेम स्नेह और लगाव रखता हू मेरा कहना बिल्कुल ही साफ है की जितना जरुरी आप लोग है उतने ही जरुरीहै हमारे लक्ष्य
किसी ने कहा है आप के लक्ष्य अधुरे तब नही होते जब वो पुरे नही होते बल्कि अधुरे तब होते है जब आपके लक्ष्य पुरे तो हो मगर उसकी खुशी बाटने वाला कोई भी आपके साथ ना हो।
मेरी दादी अक्सर मुझे कहा करती है की कोई भी अच्छा काम करने से पहले एक बार उस परम पिता परमेश्वर के चरणों की वन्दना कर लेने से वह काम शुभ हो जाता है। और उसमे सफलता पूर्ण रूप से मिलती है। मेरे खयाल से मेरी दादी किसी भी छोटे बडे काम को लेकर ऐसा करने के लिये कही हैं और यह काम जो मै अब करने वाला हू इस काम की वजह से मेरे या मेरे परिजनो मित्रो गाव के भविष्य की एक सही दिशा तय होती है तय होती है की हमारा भविष्य किस दिशा मे जावेगा। शायद यह फैसला मेरे पुर्ण जीवन का सबसे बडा फैसला है तो मै अपने भविष्य के साथ कैसे खिलवाड़ कर सकता हू ।
इसी लिये प्रस्तुत है मेरे और मेरे परिवार की तरफ से और इस आये हुए नव वर्ष के प्रथम माह के प्रथम दिन की प्रथम प्रभात की सुर्य की प्रथम किरण के साथ सम्पुर्ण शुभ कार्यो के प्रारम्भ जिस शुभ पवित्र उर्जा का नाम लिया जाता है जो दुलारे माने जाते है उस काल को धारण करने वाले महाशक्ति के और जो पुत्र है उनके जिन आदिशक्ति जगत जननी माँ वजह से प्रकृति मे सुन्दरता सौन्दर्य मौजुद है की वन्दना लिखता हू-:
वक्रतुण्ड महाकाय¡ सुर्य कोटि समपृभ: ¡¡
निर्विघ्नं कुरम देव¡ सर्व कारेषु सर्वदा ¡¡
इसी स्तुति के साथ मै अपने सपने और लक्ष्य को आपके समक्ष रखता हू-
☆Start the time of JP with our goal dream ☆
मेरी पहला सपना है मुझे सोशल मीडिया पर एक अच्छा प्रवक्ता एडवाईजर मोटीवेशनल स्पीकर ट्रेनर ड्रीम प्लानर मोटीवेशनल राइटर बनना है ।
मेरा दुसरा सपना हैकि मेरा एक वेबसाइड होनी चाहिये जिस पर हर रोज कम से कम 10 हज़ार लोग विसिट करे ।
मेरा तीसरा सपना है की मेरे पास एक अच्छी टीम हो।
मेरा तीसरा सपना है की मेरा खुद का एक पर्सनल होटल ऐण्ड रेस्टोरेंट विद ट्रेनिंग सेंटर हो जिसमे कम से कम 50 स्टाप हो ।
मेरा चौथा सपना है की मै एक स्टेज पर खडे हो कर लोगो को प्रोत्साहन देते हुए दिखू और लोग मेरी हर बात को ध्यान से सुने।
मेरा पाचवा सपना है की मेरे ऑल कटेगरी सोपिंग माल हो ।
मेरा पाचवा सपना है की मेरा एक फास्टफूड का एक मैनू फैक्चरिन्ग प्लाण्ट हो ।
मेरा छठा सपना है की मेरा एक विद्यालय हो ।
मेरा सातवा सपना है की मै एक हॉस्पिटल खुलवाऊ।
मेरा आठवां सपना मै एक ऐसा खाद्यान भण्डार खोलू की आपात स्थिती मे मै अपने आस पास के लोगो को मदद प्रदान कर पाऊ।
मेरा नौवा सपना है की मै अपनी पर माह की कमाई का 50 प्रतिशत भाग भारत सरकार के मुद्राकोष मे दान कर सकू
मेरा दसवा सपना है की मेरी सारी जायदात JP के नाम पर रहे।
मेरा ग्यारहवा सपना है की मेरे सारे सपने का एक ही ब्रांड नेम हो वो सिर्फ JP के नाम पर हो।
दोस्तों ये सारे मेरे सपने है इनमे से मेरे एक सपने का 25 प्रतिशत भाग Dec 2018 मे पूर्ण हो चुका है जिसका श्रेय मै आप सबको मानता हू। उस परमात्मा से मेरी आप सबके के लिये विनती रहेगी की वो आप सबके सपनो को साकार करने की अपार क्षमता अनन्त बुद्धि अद्वितीय काबिलियत और अद्वितीय सक्षम श्रेस्ठ अच्छी सोच वाला मित्र प्रदान करे।
इन्ही सभी दुवाओ के साथ आपका मित्र राजकुमार आप सभी के सपनो को पुर्ण होने की आशा देते हुए और नव वर्ष की हार्दिक शुभकामना प्रदान करते हूए एक चन्द लाइन की कवीता सुनाते हुए आप सभी से विदा लेता हू ।
अगर आपको मेरे द्वारा लिखे हुए लेख पसन्द आते है तो कृपया कमेन्ट करके जरुर बताये साथ ही ये भी बताये की आप को किस चीज पर लेख की हमशे उम्मीद रखते है हम आपके सुक्षाव को स्वीकृत करेंगे और उस पर लेख भी प्रस्तुत करेंगे अगर आपको हिंदी भाषा के अलावा किसी अन्य भाषा मे(मराठी गुजराती इंग्लिश ) प्राप्त करना चाहते है तो कृपया कमेन्ट करके जरुर बताये और बाताये की आप हमारे सपनो लक्ष्य को कितना सपोर्ट करते हैं।
अगर आप हमारे ग्रुप मे या jp मिशन का सपोर्ट लेना या देना चाहते है तो कृपया अपना ईमेल जरुर रजिस्टर्ड करे लाइक शेयर और फोलो करना बिल्कुल भी ना भूले
जय हिन्द जय भारत
अभी तो इस बाज की असली उड़ान बाकी है
अभी अभी तौला है हमने मुठ्ठी भर जमी
अभी तो तौलना पुरा आसमं बाकी है
नमस्कार दोस्तों आप लोगों का प्रेम और स्नेह पाकर मैं बहुत ही खुश हूं दोस्तों आज मैं आप लोगों को अपने गोल विजन और ड्रीम के बारे में बताऊंगा।
बहुत से लोग मुझसे पूछा करते हैं कि राजकुमार जी आप अपने जीवन में क्या करना चाहते हैं कौन सा मुकाम हासिल करना चाहते हैं आपके जीवन का प्रमुख लक्ष्य क्या है।
तो मैं शांत जाया करता है या फिर बाद में बताऊंगा कह के टाल देता हूं या फिर इसका जवाब वक्त देगा कह कर भी सामने वाले को कन्वेंश कर लेता है मेरे पास इन सारे सवालों का जवाब था लेकिन इस प्रश्न के जवाब से मुझे डर लगता है डर इस बात का नहीं था कि लोग हंसे हम पर हसेन्गे हमारे लक्ष्य पर रुकेंगे हमें तेरे से ना हो पाएगा कहेंगे की अपनी औकात देखी है ।
बल्कि डर तो इस बात का था कि एक बार लोगों के मध्य मे अपनी अहमियत जमानी चाही लोगों से अपने लक्ष्य के बारे मेंअपनी सोच के बारे मे बताया यह सोच कर कि वह मेरा साथ देगा लेकिन क्या पता था कि उन्हीं में से एक मेरे इस खूबसूरती को छीन लेगा जिसकी मैं हमेशा सवारी करता था।
अनभिज्ञ था इस बात से कि जिसे मैने अपने बारे में सब कुछ बताया वहीं मुझे धक्का देने के काबिलियत रखता है उन पर मुझे क्रोध आया जिनसे हमें इसकी उम्मीद ना थी दिल के एक कोने से आवाज आई कि नहीं अब बहुत हुआ उसे सबक सिखाना पड़ेगा अपने परिवार और मित्र के दम पर जिन्होंने हमारी एक असफलता से मुझे छोड़ दिया इतना ही नहीं जो पहचान काबिलियत मेरे माता पिता व गुरु बुजुर्ग के संस्कार से प्रतिष्ठा मिली थी सब कुछ छीन लिया था उनसे मैं मदद मांगी मुझे तुतकार दिया यह कह कर कि तू मेरे से मदद लेने काबिल नहीं है।
बहुत दुख हुआ यह सुनकर किंतु अगले ही क्षण में अत्यंत ही अचंभित हुआ इस बात से नहीं कि मैं असफल हुआ अपने जीवन के खेल में उस खेल में जिसे मैने बनाया था जिस के सारे नियम कानून मैने खुद अपने ही हाथो बनाया था उसी मे ही हार गया
बल्कि आश्चर्य में मै इस बात से था कि जो कुछ मैंने खोया जिस प्रकार से अपने ही खेल में मैं हार गया था ठीक उसी प्रकार वह भी अपने ही बनाए खेल में खुद भी हार गया था जिस प्रकार मेरे पारिवारिक संबंधों ने मुझ पर विश्वास करना छोड़ दिया ठीक उसी प्रकार उसके भी पारिवारिक संबंध भी भरोसे करना छोड दिये थे इतना ही नहीं जितनी समस्याएं मेरे पास थी उससे कई गुना ज्यादा उस शख्स के पास थी वह एक ऐसे खेल में हारा था जिस का सृजन वह खुद करता था। उस समय मैं बिल्कुल ही मूक था और शक में था कि कहीं इसमें भी तो इसकी कोई चाल नहीं
लेकिन समय के साथ सच्चाई भी बाहर आती है और सच ये था की जो मेरे साथ हुआ उसका जिम्मेदार मै खुद हू किसी ने सच ही कहा है की शक तो दुनिया करती है जनाब दुनिया से अलग करने की चाहत है तो दुनिया की तरह शक करना भी छोड़ना होगा। मैने तो छोड दिया । उसे एक मित्र माना और उन सारे सपनो को फिर से उसी हृदय मे पाला जिसमे आप सभी का प्रेम स्नेह और लगाव रखता हू मेरा कहना बिल्कुल ही साफ है की जितना जरुरी आप लोग है उतने ही जरुरीहै हमारे लक्ष्य
किसी ने कहा है आप के लक्ष्य अधुरे तब नही होते जब वो पुरे नही होते बल्कि अधुरे तब होते है जब आपके लक्ष्य पुरे तो हो मगर उसकी खुशी बाटने वाला कोई भी आपके साथ ना हो।
मेरी दादी अक्सर मुझे कहा करती है की कोई भी अच्छा काम करने से पहले एक बार उस परम पिता परमेश्वर के चरणों की वन्दना कर लेने से वह काम शुभ हो जाता है। और उसमे सफलता पूर्ण रूप से मिलती है। मेरे खयाल से मेरी दादी किसी भी छोटे बडे काम को लेकर ऐसा करने के लिये कही हैं और यह काम जो मै अब करने वाला हू इस काम की वजह से मेरे या मेरे परिजनो मित्रो गाव के भविष्य की एक सही दिशा तय होती है तय होती है की हमारा भविष्य किस दिशा मे जावेगा। शायद यह फैसला मेरे पुर्ण जीवन का सबसे बडा फैसला है तो मै अपने भविष्य के साथ कैसे खिलवाड़ कर सकता हू ।
इसी लिये प्रस्तुत है मेरे और मेरे परिवार की तरफ से और इस आये हुए नव वर्ष के प्रथम माह के प्रथम दिन की प्रथम प्रभात की सुर्य की प्रथम किरण के साथ सम्पुर्ण शुभ कार्यो के प्रारम्भ जिस शुभ पवित्र उर्जा का नाम लिया जाता है जो दुलारे माने जाते है उस काल को धारण करने वाले महाशक्ति के और जो पुत्र है उनके जिन आदिशक्ति जगत जननी माँ वजह से प्रकृति मे सुन्दरता सौन्दर्य मौजुद है की वन्दना लिखता हू-:
वक्रतुण्ड महाकाय¡ सुर्य कोटि समपृभ: ¡¡
निर्विघ्नं कुरम देव¡ सर्व कारेषु सर्वदा ¡¡
इसी स्तुति के साथ मै अपने सपने और लक्ष्य को आपके समक्ष रखता हू-
☆Start the time of JP with our goal dream ☆
मेरी पहला सपना है मुझे सोशल मीडिया पर एक अच्छा प्रवक्ता एडवाईजर मोटीवेशनल स्पीकर ट्रेनर ड्रीम प्लानर मोटीवेशनल राइटर बनना है ।
मेरा दुसरा सपना हैकि मेरा एक वेबसाइड होनी चाहिये जिस पर हर रोज कम से कम 10 हज़ार लोग विसिट करे ।
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मेरा तीसरा सपना है की मेरा खुद का एक पर्सनल होटल ऐण्ड रेस्टोरेंट विद ट्रेनिंग सेंटर हो जिसमे कम से कम 50 स्टाप हो ।
मेरा चौथा सपना है की मै एक स्टेज पर खडे हो कर लोगो को प्रोत्साहन देते हुए दिखू और लोग मेरी हर बात को ध्यान से सुने।
मेरा पाचवा सपना है की मेरे ऑल कटेगरी सोपिंग माल हो ।
मेरा पाचवा सपना है की मेरा एक फास्टफूड का एक मैनू फैक्चरिन्ग प्लाण्ट हो ।
मेरा छठा सपना है की मेरा एक विद्यालय हो ।
मेरा सातवा सपना है की मै एक हॉस्पिटल खुलवाऊ।
मेरा आठवां सपना मै एक ऐसा खाद्यान भण्डार खोलू की आपात स्थिती मे मै अपने आस पास के लोगो को मदद प्रदान कर पाऊ।
मेरा नौवा सपना है की मै अपनी पर माह की कमाई का 50 प्रतिशत भाग भारत सरकार के मुद्राकोष मे दान कर सकू
मेरा दसवा सपना है की मेरी सारी जायदात JP के नाम पर रहे।
मेरा ग्यारहवा सपना है की मेरे सारे सपने का एक ही ब्रांड नेम हो वो सिर्फ JP के नाम पर हो।
दोस्तों ये सारे मेरे सपने है इनमे से मेरे एक सपने का 25 प्रतिशत भाग Dec 2018 मे पूर्ण हो चुका है जिसका श्रेय मै आप सबको मानता हू। उस परमात्मा से मेरी आप सबके के लिये विनती रहेगी की वो आप सबके सपनो को साकार करने की अपार क्षमता अनन्त बुद्धि अद्वितीय काबिलियत और अद्वितीय सक्षम श्रेस्ठ अच्छी सोच वाला मित्र प्रदान करे।
इन्ही सभी दुवाओ के साथ आपका मित्र राजकुमार आप सभी के सपनो को पुर्ण होने की आशा देते हुए और नव वर्ष की हार्दिक शुभकामना प्रदान करते हूए एक चन्द लाइन की कवीता सुनाते हुए आप सभी से विदा लेता हू ।
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जय हिन्द जय भारत
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