hi friends am welcome back Mr.Rajkumar Prajapati .
नया सवेरा नई किरण के साथ
नया दिन एक प्यारी सी मुस्कान के साथ
आपको 2019 मुबारक हो ढेर सारी दुआओं के साथ
आपके सारे गम खुशियों में तोल दूं
अपने सारे राज़ आपके सामने खोल दूं
कोई हमसे पहले ना बोल दे
इसीलिए सोचा कि आज ही बोल दू
Wish you happy new year
गुल ने गुलशन से पैगाम भेजा है
सितारों ने आसमान से सलाम भेजा है
मुबारक हो 2019 आपको
हमने मुफ्त में यह पैगाम भेजा है
इस रिश्ते को यूं ही बनाए रखना
दिल में यादों के चिराग जलाए रखना
बहुत ही सुनहरा सफर रहा 2018 का
बस ऐसा ही 2019 में भी बनाए रखना
बीत गया जो वर्ष भूल जाएं
इस आए वर्ष को गले लगाए
करते हैं हम दुआ प्रकृत से सर झुका के
आए वर्ष सारे लक्ष्य प्राप्त हो आपके
कोई रंज का लम्हा किसी के पास ना आए
दुआ है हमारी यह नया वर्ष सब को रास आए
Poem by JP IDIAL for you forever
नव किरण का रथ सजा है।
कलि कुसुम का रथ सजा है।।
बादलो से अनुचरो ने स्वर्ण की पोशाक धारी।
आ रही रवि की सवारी ।।
विहग बन्दि और चारण गा रहे है कीर्ति गायन।
छोड कर मैदान भागी तारको की फौज सारी।।
आ रही रवि की सवारी।
चाहता हू उछलू विजय कह।
पर ठीठाकाता देख कर यह ।
रात का राजा खडा है।।
राह मे बन कर भिखारी।
आ रही है रवि की सवारी।।
मौत का मंजर छाया हो चाहे
मंजिले कितनी भी रूसवा क्यू ना हो
हालात कितने भी बत्तर क्यू ना हो
शामे कितनी भी लम्बी क्यू ना हो
हम थकेंगे नही
थमेंगे नही
Poem by JP IDIAL for you forever
नव किरण का रथ सजा है।
कलि कुसुम का रथ सजा है।।
बादलो से अनुचरो ने स्वर्ण की पोशाक धारी।
आ रही रवि की सवारी ।।
विहग बन्दि और चारण गा रहे है कीर्ति गायन।
छोड कर मैदान भागी तारको की फौज सारी।।
आ रही रवि की सवारी।
चाहता हू उछलू विजय कह।
पर ठीठाकाता देख कर यह ।
रात का राजा खडा है।।
राह मे बन कर भिखारी।
आ रही है रवि की सवारी।।
मौत का मंजर छाया हो चाहे
मंजिले कितनी भी रूसवा क्यू ना हो
हालात कितने भी बत्तर क्यू ना हो
शामे कितनी भी लम्बी क्यू ना हो
हम थकेंगे नही
थमेंगे नही
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